लैप्रोस्कोपी के लिए किस प्रकार के ट्रोकर का इस्तेमाल किया जात है?

Aug 04, 2023

लैप्रोस्कोपिक सर्जरी मा ट्रोकर पेट के दीवार मा एक्सेस पोर्ट बनावै खातिर वाद्ययंत्र होत है जेहिके माध्यम से सर्जिकल वाद्ययंत्र अउर कैमरा (लापरोस्कोप) लगावा जा सकत है। टीरोकार्स का डिज़ाइन किया जात है कि सर्जिकल टूल के लिए एक स्थिर प्रवेश बिंदु प्रदान करत है। लेप्रोस्कोपी के लिए कई तरह के ट्रोकर कय उपयोग कीन जात है, हर एक कय अलग-अलग उद्देश्य कय लिए विशिष्ट विशेषता होत है। कुछ आम प्रकार म शामिल हैं:

1. ब्लेडलेस ट्रोकार:ई ट्रोकर पेट ब्लेड के बजाय एक धुंधला -टिपेड ऑबट्यूरेटर का उपयोग करत हैं, जेहिसे पेट के दीवार मा घुस जात है। इनका कम आक्रामक माना जात है अउर सम्मिलित होय के समय आकस्मिक चोट के खतरा कम होत है।

2. बेहतर सुन्नर:जबकि पारंपरिक अर्थ मा ट्रोकर नाहीं, वेर्सेस सुई का उपयोग ट्रोकार डालै से पहिले एक प्रारंभिक न्यूमोपेरिटोनियम (कार्बन डाइऑक्साइड गैस के साथ पेट गुहा का मुद्रास्फीति) बनावै के लिए कीन जात है। यहिसे लैप्रोस्कोपिक वाद्ययंत्रन खातिर सुरक्षित कामकाजी स्थान स्थापित करै मा मदद मिलत है।

3. हैसन ट्रोकार:ये ट्रोकर एक खुली तकनीक का उपयोग करके डाले जाते ह, मतलब एंट्री साइट पर एक छोटा सा चीरा बनाया जात है, और तब ट्रोकर को सीधे दृश्य का उपयोग करके पेट गुहा म निर्देशित किया जात है। यह विधि अक्सर पिछले पेट सर्जरी या कुछ चिकित्सा स्थिति वाले मरीजन मा पसंद कीन जात है।

4. डिस्पोजेबल ट्रोकर:इनका डिजाइन एकल- उपयोग कय लिए बनावा गा है औ हर सर्जरी कय बाद फेंक दीन जात है ताकि संक्रमण कय खतरा कम होइ जाय औ क्रॉस - संदूषण कय खतरा कम कीन जाय।

5. ट्रोकार का पुन: उपयोग योग्य:ये ट्रोकर उच्च - गुणवत्ता वाली सामग्री से बना है और उचित नसबंदी के बाद बार-बार उपयोग के लिए डिज़ाइन किया जात है।

6. कैनुला ट्रोकार:इन ट्रोकर म एक कैनुला (एक ट्यूब - जैसा कि संरचना) होता है जो पेट के गुहा म रहता है, जो बार-बार सम्मिलन और ट्रोकार को हटाए बिना विभिन्न लैप्रोस्कोपिक वाद्ययंत्र के हटाने का अनुमति देता है।

7. ढाल ट्रोकार्स:इन ट्रोकर म एक सुरक्षात्मक ढाल है जो सम्मिलन के बाद टिप कवर करत है, जेहिसे गलती से आंतरिक संरचना का नुकसान पहुंचावा जात है।

8. ब्लेडेड ट्रोकार्स:पारंपरिक ब्लेड वाले ट्रोकर मा तेज ब्लेड होत है जवन पैठ के बाद पीछे हट जात है, जेहिसे ट्रोकर का सुचारू रूप से डाला जाय।